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राष्ट्रीय शोक क्या होता है ? उसमे क्या किया जाता है ? राष्ट्रीय शोक कब घोषित करते है ?

दोस्तो आज हम राष्ट्रीय शोक और राजकीय शोक के बारेमे कुछ जानकारी हासिल करेंगे। राजकीय और राष्ट्रीय शोक कब मनाया जाता है ? राजकीय और राष्ट्रीय शोक क्यो मनाया जाता है ? इन सभी की हम आपको इस आर्टिकल मे जानकारी देने वाले है। तो आइए जानते है राजकीय और राष्ट्रीय शोक के बारेमे। 

राष्ट्रीय शोक क्या होता है ?

राष्ट्रीय और राजकीय शोक क्या होता है ?

दोस्तो अगर किसी राष्ट्रपति  , उपराष्ट्रपति या फिर किसी प्रधानमंत्री जी या फिर किसी राष्ट्रीय कद के नेता का किधन हो जाता है तो केंद्र सरकार की और से राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जाती है। पहले सिर्फ प्रधानमन्त्री , राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की मौत पर ही राष्ट्रीय शोक मनाया जाता था पर अब किसी राष्ट्रीय कद के राजनेता की मौत पर भी राष्ट्रीय शोक मनाया जाता है और राजकीय शोक भी मनाया जाता है। किसी राज्य मे जो शोक मनाया जाता है उसे राजकीय शोक कहा जाता है। राष्ट्रीय शोक पूरे देश मे मनाया जाता है। 

राष्ट्रीय शोक की घोषणा कौन कर सकता है ? 

राष्ट्रीय शोक की घोषणा पहले केंद्र सरकार के दिशानिर्देश के अनुसार सिर्फ राष्ट्रपति ही राष्ट्रीय शोक की घोषणा करते थे। अब नए नियमानुसार राज्य सरकार को भी यह अधिकार दिया गया है की वे भी अब राजकीय शोक की घोषणा कर सकते है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी  के निधन पर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अलग अलग घोषणाएं की गई थीं।  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी  के निधन पर दिल्‍ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और बिहार में एक दिन का सार्वजनिक अवकाश और 7 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया था और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर राष्ट्रीय शोक एक दिन का रखा गया था, लेकिन गोवा में 7 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया था। 

राजकीय और राष्ट्रीय शोक मे क्या होता है ? 

केंद्र सरकार के 1997 के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राजकीय और राष्ट्रीय शवयात्रा के दौरान कोई सार्वजनिक छुट्टी जरूरी नहीं है। इसके अनुसार अनिवार्य सार्वजनिक छुट्टी को इस दौरान खत्म कर दिया गया है। अब केवल इसी हालत में छुट्टी की घोषणा होती है जब राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए किसी व्यक्त‍ि का निधन हो जाता है। लेकिन अक्सर पद पर न रहने वाले गणमान्य लोगों की मृत्यु के बाद भी सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी जाती है। राजकीय शोक के दौरान फ्लैग कोड ऑफ इंडिया नियम के मुताबिक विधानसभा, सचिवालय सहित महत्वपूर्ण कार्यालयों में लगे राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहते हैं। इसके अलावा प्रदेश में कोई औपचारिक एवं सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाता है और इस अवधि के दौरान समारोहों और आधिकारिक मनोरंजन पर भी प्रतिबंध रहता है। देश में और देश के बाहर स्थित भारतीय दूतावास और उच्‍चायोग में भी राष्‍ट्रीय ध्‍वज को आधा झुकाया जाता है।

और कुछ जानकारी - 

अगर किसी स्पीकर या फिर मुख्य न्यायाधीश की मृत्यु हो जाती है तो दिल्ली मे राष्ट्रध्वज आधा फहराया जाता है। 

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